मुंबई हमले की साजिश रचने के आरोपी लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी डेविड हेडली के मन में भारत के प्रति नफरत कूट-कूट कर भरी थी। अमेरिका में पैदा हुए इस पाकिस्तानी आतंकवादी ने अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो एफबीआइ को चेतावनी दी थी कि यदि इस अपराध से संबंधित उसके कबूलनामे को नई दिल्ली के साथ सहयोग से जोड़ा गया, तो वह जांच में सहयोग करना बंद कर देगा। विकिलीक्स की ओर से जारी अमेरिकी दूतावास के गोपनीय दस्तावेज के अनुसार इस वर्ष फरवरी में गृहमंत्री पी. चिदंबरम से भेंट के दौरान एफबीआइ के निदेशक राबर्ट मूलर ने यह बात कही थी। भारत में अमेरिका के राजदूत टिमोथी रोएमर की ओर से गोपनीय करार दिए गए इस दस्तावेज में कहा गया है, इस बात को और रेखांकित करते हुए कि पूछताछ की हेडली की पेशकश अंतिम चरण में है, मूलर ने कहा कि हेडली ने भारत के प्रति नफरत व्यक्त की है और यदि उसके कबूलनामे को किसी भी रूप में भारत सरकार के सहयोग से जोड़ा गया तो वह चुप्पी साध सकता है। इन गोपनीय दस्तावेज के अनुसार चिदंबरम ने कहा था कि भारत अमेरिका की ओर दी जाने वाली सूचनाओं का अजमल कसाब समेत मुंबई हमले के अन्य आरोपियों के अभियोजन में इस्तेमाल नहीं करेगा। उन्होंने मूलर को स्पष्ट कर दिया कि भारतीय जांच दल ने अपने बल पर जांच के दौरान हेडली के कंप्यूटर और ईमेलों से सूचनाएं जुटाई हैं। गृहमंत्री ने शिकागो में रहने वाली हेडली की बीवी शैजा से संपर्क की इजाजत मांगी थी ताकि भारतीय जांचकर्ता उससे पूछताछ कर हेडली को उसके द्वारा भेजे गए गुप्त संदेश का मतलब पता कर सकें। लश्कर के कहने पर मुंबई हमले की साजिश रचने वाले हेडली ने इस वर्ष 18 मार्च को अमेरिकी अदालत में आतंकवाद से संबंधित सभी आरोप कबूल लिए थे। बताया जाता है कि ऐसा कर वह मृत्युदंड से बचने का प्रयास कर रहा है। प्रताड़ना मामले में सेना में बर्दाश्त नहीं : नेहरा जम्मू : विकिलीक्स पर जारी गोपनीय राजनयिक संदेशों में कश्मीर में प्रताड़ना और मानवाधिकारों के उल्लंघन की बात कहे जाने के मुद्दे पर एक वरिष्ठ सेना कमांडर ने सोमवार को कहा कि किसी भी मानवाधिकार उल्लंघन पर भारतीय सेना कतई बर्दाश्त नहीं की नीति अपनाती है। 16वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेपी नेहरा ने कहा कि प्रताड़ना और मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में सेना तेजी से कार्रवाई करती है।
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