Pages

Saturday, December 25, 2010

मोबाइल सेट भी अब किए जा सकेंगे ब्लॉक

ट्राई ने दिया कंपनियों को सॉफ्टवेयर बनाने का निर्देश

नई दिल्ली। मोबाइल हैंडसेट खोने पर अब सिमकार्ड की तरह इन्हें भी ब्लॉक करना संभव हो सकेगा। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के ताजा निर्देशों से यह उम्मीद बंधी है। दरअसल, मोबाइल चोरी जाने, गुमने के बढ़ते मामलों के मद्देनजर ट्राई ने मोबाइल कंपनियों को हैंडसेट ब्लॉक करने का तरीका ईजाद करने का निर्देश दिया है। कंपनियों से मिले संकेतों के अनुसार इसके लिए सॉफ्टवेयर जल्द तैयार होने की संभावना है, लेकिन वे इसका शुल्क ग्राहकों से शुल्क वसूलना चाहती हैं।
अभी जब ग्राहक का मोबाइल सेट खोता है तो वह कंपनियों के कस्टमर केयर पर फोन कर अपना सिम कार्ड ब्लॉक करा सकता है। बाद में उसे डुप्लीकेट सिम कार्ड मिल जाता है। सूत्रों के मुताबिक, ट्राई ने अब मोबाइल कंपनियों से कहा है कि वह ऐसा हल खोजें जिससे कि हैंडसेट के आईएमईआई या फिर ईएसएन नंबर ही बंद कर दिया जाए। आईएमईआई नंबर यानी इंटरनेशनल मोबाइल इक्यूपमेंट आईडेंटिटी नंबर दरअसल जीएसएम मोबाइल हैंडसेटों के विशिष्ट पहचान नंबर होते हैं, वही ईएसएन यानी इलेक्ट्रॉनिक सीरियल नंबर सीडीएमए मोबाइल हैंडसेट के पहचान नंबर होते है। कंपनियां ट्राई के इन निर्देशों पर अमल करते हुए सॉफ्टवेयर बनाने पर काम तो कर रहीं हैं और इसके जल्द ही बाजार में आने की संभावना है। वैसे, साफ्टवेयर के विकास और सेवा को जारी रखने के लिए उन्हें काफी रकम खर्च करनी पड़ेगी।
इसके चलते कुछ कंपनियों ने ट्राई से इस सेवा के एवज में ग्राहकों से एक निश्चित राशि वसूलने की इजाजत देने की गुजारिश की है। कंपनियों का कहना है कि ट्राई ऐसी व्यवस्था बनाए कि अगर कोई भी ग्राहक उनको फोन कर अपना हैंडसेट ब्लॉक करने के लिए कहता है तो उसे (ग्राहक को )एक तय राशि अदा करनी पड़े। हालांकि यह राशि कितनी होगी, इसे लेकर अभी कुछ तय नहीं है। वैसे, सूत्रों के अनुसार यह राशि 50 से 60 रूपए के बीच हो सकती है। 

No comments:

Post a Comment