लंदन, एजेंसी : अमेरिकी खुफिया दस्तावेजों का रहस्योद्घाटन करके दुनियाभर में तहलका मचाने वाले स्वीडिश वेबसाइट विकिलीक्स के संपादक जूलियन असांजे ने आरोप लगाया है कि जेल में उन्हें बच्चों के साथ दुष्कर्म के दोषियों के साथ रखा गया था। यही नहीं जेल के घटिया खाने में कंकड़ पत्थर और धातु मिलने की वजह से उनका दांत भी टूट गया। उन्होंने यह बात मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में कही। ऑस्ट्रेलियाई नागरिक 39 वर्षीय असांजे जमानत पर रिहा होने के बाद लंदन में रह रहे हैं। उन पर स्वीडन की दो महिलाओं के साथ दुष्कर्म का आरोप है। स्पेन के अखबार अल पेस ने असांजे के हवाले से कहा, जेल में मुझे दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे अपराधियों के साथ रखा गया था। खाने के दौरान मंुह में धातु का टुकड़ा आने से मेरा दांत टूट गया। मैंने इसे सबूत के तौर संभाल कर रखा है। उनके मुताबिक जेल अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। हैकिंग में पारंगत असांजे का 20 साल का बेटा डेनियल सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। 18 साल की उम्र में पिता बनने वाले असांजे के बेटे की कस्टडी उसकी मां के पास है। एक अमेरिकी पत्रकार का आरोप है कि असांजे ने स्वीडिश महिलाओं के साथ संबंध बनाने से पहले उसकी गर्लफ्रेंड को भी फंसाया था। इस पत्रकार का नाम गुप्त रखा गया है। उसने कहा, मैं, मेरी गर्लफ्रेंड और असांजे एक रेस्त्रां में साथ बैठे थे। कुछ देर बाद वो जैसे ही बाहर सिगरेट पीने गई तो असांजे भी उसके पीछे गया। कुछ देर बाद दोनों गायब हो गए। कई दिनों बाद दोनों को एक साथ देखा गया।
सीआइए ने विकिलीक्स के लिए विशेष बल गठित किया
वॉशिंगटन, एजेंसी : अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआइए) ने विकिलीक्स की ओर से उजागर किए गए राजनयिकों संदेशों से निपटने के लिए विशेष बल गठित किया है। इसे विकिलीक्स टास्क फोर्स नाम दिया गया है। यह बल खुलासों से पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेगा। बताया जा रहा है कि विकिलीक्स के खुलासों के बाद से सीआइए मुखबिरों को रखने में घबरा रही है। उसे डर सता रहा है कि कहीं कोई मुखबिर उसके गुप्त अभियानों का पर्दाफाश न कर दे। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार सीआइए प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, एजेंसी के निदेशक ने कार्यबल को निर्देश दिया कि वह इस बात की जांच करें कि क्या विकिलीक्स के खुलासों से सीआइए के विदेशी कार्यो पर बुरा असर पड़ेगा। दूसरी ओर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पीजे क्राउले ने कहा कि अन्य देशों के साथ अमेरिकी संबंध आपसी हितों पर आधारित है, इसलिए इन पर कोई असर नहीं पड़ा है.
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