लंदन, एजेंसी : बहुचर्चित वेबसाइट विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को आखिरकार गुरुवार को लंदन हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी और देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया। इससे पहले भी लंदन में 39 वर्षीय असांजे को जमानत मिली थी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने इस फैसले पर आपत्ति जताई थी और वह जेल से रिहा नहीं हो पाए थे। न्यायाधीश ऑसेले ने ब्रिटिश अधिकारियों की याचिका खारिज कर दी और उन्हें सशर्त जमानत का फैसला सुनाया। उनके समर्थकों ने बतौर जमानत राशि 240,000 पाउंड दिए। ब्रिटिश अधिकारियों की दलील थी कि असांजे को जेल में ही रखा जाए क्योंकि वह स्वीडन में यौन उत्पीड़न के आरोपी हैं और इस संबंध में उनका प्रर्त्यपण होना है। न्यायाधीश ऑसेले ने इस दलील को नकार दिया। फिलहाल वह अपने संभावित प्रत्यर्पण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। इस सप्ताह मंगलवार को भी असांजे को जमानत मिली थी, लेकिन अभियोजन पक्ष की आपत्ति की वजह से वह बाहर नहीं आ सके थे। उनकी जमानत याचिका पर रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सुनवाई हुई। गुरुवार सुबह जब असांजे हाईकोर्ट पहुंचे तो उनमें विश्वास झलक रहा था। जेल से निकलने के बाद असांजे नोरफोक स्थित 10 कमरों वाले एक भव्य आशियाने का रुख करेंगे। जहां वह अपनी थकान मिटाएंगे। विकिलीक्स ने अमेरिका के हजारों गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेज जारी किए हैं। असांजे के समर्थकों का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा खान सहित कई जानी-मानी हस्तियों ने खुलकर उनका समर्थन किया।
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