विकिलीक्स की ओर से जारी किए गए अमेरिकी राजनयिकों के संदेशों से खुलासा हुआ कि यमन की परमाणु सामग्री कभी भी अल कायदा आतंकवादियों के हाथ लग सकती है। यमन के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि यमन के रेडियो एक्टिव उत्पादों के मुख्य भंडार में तैनात एक मात्र सुरक्षाकर्मी को हटाए जाने और छह महीने पहले सीसीटीवी के खराब हो जाने के बाद यमन की परमाणु सामग्री और यहां के अवांक्षित तत्वों के बीच बहुत कम फासला रह गया है। ब्रिटिश समाचार पत्र गार्जियन में मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इस वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने अमेरिकी अधिकारियों को बताया था कि यमन के राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा आयोग (एनएइसी) में परमाणु सामग्रियों की रखवाली के लिए तैनात किए गए गार्ड को हटा दिया गया है। वहां स्थापित क्लोज सर्किट टीवी कैमरा भी छह महीने पहले खराब हो गया था और उसकी अब तक मरम्मत नहीं हो पाई। साना स्थित अमेरिकी दूतावास से नौ जनवरी को भेजे गए एक संदेश में अधिकारी ने कहा था, अब यमन की परमाणु सामग्री और अवांछित तत्वों के बीच बहुत कम फासला रह गया है। ज्ञात हो कि इराक और अफगानिस्तान के बाद यमन अल कायदा का एक अति सक्रिय ठिकाना है। अरब प्रायद्वीप में यह अल कायदा का केंद्र माना जाता है। अमेरिकी राजदूत स्टीफन सेशे ने संदेश में लिखा था कि चिंतित अधिकारी ने वॉशिंगटन से कहा था कि वह यमन सरकार को इस बात के लिए राजी करे कि बेहतर सुरक्षा होने तक वह सभी परमाणु सामग्री को देश से हटा दे, या फिर एनएइसी केंद्र की सुरक्षा तत्काल बढ़ा दे। संदेश में कहा गया है कि इस केंद्र में अस्पतालों, स्थानीय कृषि विश्र्वविद्यालयों और तेल कुओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रेडियो एक्टिव पदार्थो की बड़ी मात्रा रखी जाती है। यमन के इस परमाणु केंद्र की खराब सुरक्षा व्यवस्था अमेरिकी सरकार की चिंता की उच्च प्राथमिकता होगी।
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