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Saturday, December 18, 2010

सोनिया का नेतृत्व नाकाम, प्रकाश करात सौदेबाज

लंदन, एजेंसी : अमेरिकी दूतावास के एक संदेश में जहां यह कहा गया था कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सैद्धांतिक नेतृत्व का प्रदर्शन कर पाने में नाकाम रहीं, वहीं माकपा नेता प्रकाश करात को सौदेबाज करार दिया गया। यह संदेश नवंबर 2007 में संसद में भारतीय अमेरिकी असैन्य परमाणु समझौते पर होने वाली बहस से पहले के राजनीतिक हालात को बयां करता है। संदेश में कहा गया, सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी प्रकाश करात के सौदेबाजी की कलाओं से काफी सतर्क और बेचैन है। विकिलीक्स द्वारा खुलासा किए इस संदेश को 7 नवंबर 2007 को भेजा गया था, जिसमें अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि सोनिया गांधी सैद्धांतिक नेतृत्व का प्रदर्शन कर पाने में विफल रहीं। हालांकि इससे उनके पार्टी को चुनावों में फायदा हो सकता है। साथ ही संदेश में कहा गया कि प्रकाश करात सौदेबाज हैं। संदेश में गांधी की आलोचना की गई है और इस बात की चर्चा है कि क्या भारत-अमेरिकी परमाणु समझौते पर मनमोहन सिंह सरकार को आम चुनाव का सामना करना पड़ेगा। संदेश में कहा गया, श्रीमती गांधी कभी भी अवसर चुकने का अवसर नहीं छोड़ती। आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा अमेरिका : करात नई दिल्ली : माकपा ने शुक्रवार को कहा कि विकिलीक्स का नया खुलासा इस बात की पुष्टि करता है कि वाशिंगटन नई दिल्ली की स्वतंत्र विदेश नीति को कमजोर करने के लिए दबाव बना रहा है। पार्टी नेता नीलोत्पल बसु ने कहा, यह हमारी आशंका की पुष्टि करता है कि अमेरिका भारत पर उसकी स्वतंत्र विदेश नीति को कमजोर करने और नष्ट करने का दबाव बना रहा था। माकपा के महासचिव प्रकाश करात ने संवाददाताओं से कहा, विकिलीक्स के खुलासे से स्पष्ट है कि अमेरिकी दूतावास भारत के नीतिगत मामलों को प्रभावित करने के लिए हमारी अंदरूनी राजनीति में हस्तक्षेप कर रहा है। करात ने कहा कि यह छिपा हुआ नहीं है कि अमेरिकी भारत की राजनीति में हस्तक्षेप करते रहे हैं। तेजी से पैर जमा रहे हैं राहुल वाशिंगटन : दूसरे प्रांत के लोगों के खिलाफ शिवसेना के एजेंडे को राहुल गांधी के आड़े हाथ लेने की कोशिशों का जिक्र करते हुए नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास की ओर से बीती फरवरी में भेजे गए गोपनीय संदेश में कहा गया कि युवा कांग्रेस नेता सियासत में तेजी से पैर जमाते नजर आ रहे हैं। दस्तावेज में उस समय के राजनीतिक घटनाक्रमों के संदर्भ में कहा गया, उन्होंने (राहुल) ने ठाकरे और परप्रांतियों के खिलाफ शिवसेना के एजेंडे के लिए कुछ शब्द बेबाकी से बोले। इसकी देश भर में व्यापक और सहानुभूतिपूर्वक रिपोर्ट हुई। कश्मीरी नेता को वीजा देने के खिलाफ दलील वाशिंगटन : भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपी एक आतंकवाद निरोधी समूह के पाकिस्तान विरोधी कश्मीरी नेता को वीजा जारी करने के खिलाफ सिफारिश की थी। अमेरिकी दूतावास ने हुर्रियत के कट्टरपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी को वीजा देने से इंकार किए जाने के बाद विशेषकर कश्मीर मुद्दे पर संतुलित बने रहने के लिए ऐसा किया था। 2007 के गोपनीय अमेरिकी संदेश के विकिलीक्स द्वारा खुलासे के अनुसार, अमेरिकी दूतावास ने आतंकवादी से आतंकवाद विरोधी बने और मुफ्ती मोहम्मद सईद की सरकार में मंत्री रहे कश्मीरी नेता उस्मान अब्दुल मजीद को वीजा जारी किए जाने के खिलाफ पुरजोर दलीलें दी थीं। मजीद को अमेरिका के वाशिंगटन स्थित वैचारिक संगठन इंस्टीट्यूट ऑफ पीस ने 7 जून 2007 को आमंत्रित किया था। 4 जून 2007 के इस गोपनीय संदेश में कहा गया, उस्मान अब्दुल मजीद भारत सरकार समर्थित अ‌र्द्धसैनिक समूह इखवान उल मुसिलमीन के नेता हैं। ..उनका संगठन आतंकियों को पनाह देने या उनकी मदद करने के कारण संदेह के घेरे में आने वाले कश्मीरी नागरिकों को प्रताडि़त करने, उन्हें गैर-कानूनी तरीके से मार गिराने, बलात्कार करने और उनसे अवैध वसूली करने के लिए बदनाम है।

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