Pages

Saturday, December 18, 2010

लश्कर से घातक हिंदू संगठन

नई दिल्ली यूपीए और कांग्रेस की अपनी मुश्किलें तो पहले ही कम न थीं, लेकिन अब दुनिया भर में अपने खुलासों से तूफान मचाने वाले विकिलीक्स ने राहुल गांधी को भी अपने चपेट में ले लिया है। विकिलीक्स ने अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे रोएमर और राहुल की बातचीत को सार्वजनिक कर कांग्रेस को ऐतिहासिक महाधिवेशन से ठीक पहले सांसत में डाल दिया है। विकिलीक्स के मुताबिक अमेरिकी राजदूत से निजी बातचीत में राहुल ने लश्कर की तुलना में हिंदू चरमपंथ को ज्यादा खतरनाक बताया है। राहुल का यह बयान इस कदर कांग्रेस के गले की हड्डी बन गया है कि थोड़ी-थोड़ी देर में पार्टी को बयान बदलना पड़ा। पहले कांग्रेस ने इसे साजिश बताया फिर कहा, राहुल ने हर तरह के आतंक की भ‌र्त्सना की है। विकिलीक्स के नए केबल ने 2009 में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के सम्मान में प्रधानमंत्री आवास पर दिए गए भोज के दौरान राहुल और रोएमर की बातचीत का हवाला दिया है। रोएमर ने राहुल से हुई इस बातचीत को बेहद अहम दर्जा देते हुए अमेरिकी प्रशासन को भेजा था। इसके मुताबिक,रोएमर ने राहुल से क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों और भारत को खतरे के बारे में चर्चा छेड़ी थी। राहुल का मत था, भारतीय मुस्लिमों के कुछ तबकों के बीच पाकिस्तानी आतंकी संगठन (लश्कर ए तैयबा) से संबंध के सबूत मिले हैं। मगर इससे बड़ा खतरा चरमपंथी हिंदू संगठनों का बढ़ना है। ये संगठन मुस्लिम समुदाय के साथ तनाव और राजनीतिक टकराव पैदा कर सकते हैं। हिंदू आतंकवाद पर पहले भी कांग्रेस प्रहार कर चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2 नवंबर को अधिवेशन में भी हिंदू चरमपंथी ताकतों के खिलाफ सख्ती से बोला था। मगर राहुल के बयान पर कांग्रेस इसलिए दुविधा में है, क्योंकि वह हिंदू चरमपंथ को लश्कर से भी ज्यादा घातक बताते दिख रहे हैं। कांग्रेस थिंक टैंक को इससे बहुसंख्यक समुदाय खास तौर से भाजपा के उग्र हिंदुत्व से असहमत एक बड़ी शहरी आबादी के छिटकने की चिंता है। उसे भय है कि भाजपा को मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप पुष्ट करने में मदद मिलेगी। दूसरे, अगर वह इसका प्रतिकार करें तो अल्पसंख्यक समुदाय पर उसका विपरीत असर पड़ सकता है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है, जब कांग्रेस अपनी स्थापना के 125 साल पूरे करने पर ऐतिहासिक महाधिवेशन करने जा रही है। अतीत की नींव पर भविष्य का निर्माण की थीम पर हो रहा यह महाधिवेशन कांग्रेस का अगले लोकसभा चुनावों तक सबसे बड़ा आयोजन है। इसमें राहुल को भविष्य के रूप में पेश करने की जोर-शोर से योजना है। कांग्रेस की बौखलाहट इसी बात से समझी जा सकती है कि विकिलीक्स के खुलासे के तुरंत बाद कांग्रेस महासचिव और 10 जनपथ की आवाज कहे जाने वाले जनार्दन द्विवेदी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने इसमें न सिर्फ साजिश की आशंका जताई, बल्कि कहा कि पहले तथ्यों को जांचा जाएगा। इसके बाद राहुल की तरफ से द्विवेदी ने ही तुरंत बयान जारी किया, वह हर तरह के आतंकवाद और सांप्रदायिकता को भारत के लिए खतरा मानते हैं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह कृत्य किसने किया। इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ताओं की फौज मनीष तिवारी, अभिषेक मनु सिंघवी और शकील अहमद सभी राहुल के बचाव में आगे आए। मगर विकिलीक्स का खुलासा सही है या गलत, इस पर कांग्रेस अभी मौन है।

No comments:

Post a Comment