सिंगापुर। विकिलीक्सके ताजा खुलासे से पता चलता है कि भारत ने पिछले साल अमेरिका को बताया था कि पाकिस्तान में 43 आतंकवादी शिविर चल रहे हैं। इनमें से 22पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से संचालित हैं। नई दिल्ली ने अपनी शिकायत में कहा था कि इसलामाबादने इन शिविरों को स्थायी तौर पर बंद करने के लिएकुछ नहीं किया।
गार्जियन अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार जून 2009में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जनरल जिमजोंस से मुलाकात के दौरान भारतीय रक्षा मंत्री ए केएंटनी ने यह आरोप लगाया था। बैठक में मौजूद तत्कालीन भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर ने जोंस से कहा था कि पाकिस्तान ने मुंबई हमले के बाद आतंकी शिविरों पर छापेमारीकी लेकिन उनमें ज्यादातर ने दोबारा कार्य करना शुरू कर दिया है। कपूर ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को यह भी बताया कि कश्मीर में घुसपैठ अभी भी जारी है और यह बगैर मदद के संभव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत ने सीमा की सुरक्षा चाक चौबंद की है मगर घुसपैठ की कोशिश करने वाले आतंकियों में करीब 15से 20फीसदी सीमा पार करने में सफल हो जाते हैं। कपूर ने सवाल उठाया कि अगर हम उन्हें पकड़ सकते हैं तो पाकिस्तानी फौज ऐसा क्यों नहीं कर सकती। जोंस ने भारतीय खेमे को यकीन दिलाया कि वह आतंकी शिविरों का मुद्दा पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाएंगे। अमेरिकी जनरल ने कपूर को भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य वार्ता की संभावनाओं के बारे में भी टटोला था। एंटनी ने इस पर दखल देते हुए कहा, जब तक पाकिस्तान मुंबई हमले के जिम्मेदारलोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता उससे बातचीत बेहद मुश्किल है। जोंस ने कहा कि मुंबई जैसा एक और हमला क्षेत्रीय शांति के लिएसबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि हम आतंकियों को ऐसा करने की इजाजत नहीं दे सकते। एंटनी ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान के विकास में भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वहां अंतरराष्ट्रीय मिशन को जरूर कामयाब होना चाहिए क्योंकि नई दिल्ली तालिबान को सफल होते नहीं देख सकती।
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