साइबर अपराधियों की बढ़त सेंधमारी ने दुनिया भर की सुरक्षा एंजेंसियों, बैंकों और आम इंसान को चिंता में डाल रखा है। इसी के मद्देनजर अब वैज्ञानिकों ने ऐसा अविष्कार किया है जो लोगों की परेशानी को कम कर सकता है। उन्होंने दुनिया का पहला ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार करने का दावा किया है जिसे हैक नहीं किया जा सकेगा और यह कंप्यूटर को ठप होने या दुर्भावनापूर्ण हमलों से बचा सकता है। एसईएल 4 माइक्रोकेर्नल नाम के इस सॉफ्टवेयर को आस्ट्रेलिया के आईसीटी रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सेलेंस की कंपनी ओपेन केर्नल लैब के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के एक दल ने तैयार किया है। यह एक छोटा सा ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कंप्यूटर के हार्डवेयर तक पहुंच को नियमित करता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इसकी अनोखी विशेषता यह है कि गणितीय रूप से भी इसका संचालन साबित हो चुका है, जो इसे अविश्वासयोग्य सॉफ्टवेयर से अलग करता है और इसे ठप होने से या दुर्भावनापूर्ण हमलों से बचाता है। भविष्य में यह सॉफ्टवेयर भरोसेमंद वित्तीय लेनदेन को सुनिश्चित कर सकता है। बैंक या शेयर बाजार के काम ग्राहक के मोबाइल फोन पर सुरक्षित रूप से संचालित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह रक्षा विभाग को अपने आंकड़ों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा प्रदान कर सकता है। साथ ही, यह पेसमेकर जैसे प्रतिरोपित मेडिकल उपकरण के जीवन रक्षक कार्यकलापों को हैक होने से बचा सकता है। मुख्य शोधकर्ता गेरविन क्लेन ने बताया कि एसईएल 4 अभी तक इकलौता ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे गणीतीय रूप से साबित किया जा चुका है कि इसका सोर्स कोड विशिष्ट लक्षणों को एकदम सही लागू करता है। यह सॉफ्टवेयर हूबहू वैसा ही करता है जैसे इसके विशिष्ट लक्षण हैं। एक अन्य शोधकर्ता गेरनॉट हेसर ने बताया कि सॉफ्टवेयर के ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रमाणीकरण 1970 से चल रहा है। हम ऐसा करने में कामयाब रहे।
Sunday, January 30, 2011
कभी हैक नहीं हो सकेगा यह सॉफ्टवेयर
साइबर अपराधियों की बढ़त सेंधमारी ने दुनिया भर की सुरक्षा एंजेंसियों, बैंकों और आम इंसान को चिंता में डाल रखा है। इसी के मद्देनजर अब वैज्ञानिकों ने ऐसा अविष्कार किया है जो लोगों की परेशानी को कम कर सकता है। उन्होंने दुनिया का पहला ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार करने का दावा किया है जिसे हैक नहीं किया जा सकेगा और यह कंप्यूटर को ठप होने या दुर्भावनापूर्ण हमलों से बचा सकता है। एसईएल 4 माइक्रोकेर्नल नाम के इस सॉफ्टवेयर को आस्ट्रेलिया के आईसीटी रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सेलेंस की कंपनी ओपेन केर्नल लैब के नेतृत्व में वैज्ञानिकों के एक दल ने तैयार किया है। यह एक छोटा सा ऑपरेटिंग सिस्टम है जो कंप्यूटर के हार्डवेयर तक पहुंच को नियमित करता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इसकी अनोखी विशेषता यह है कि गणितीय रूप से भी इसका संचालन साबित हो चुका है, जो इसे अविश्वासयोग्य सॉफ्टवेयर से अलग करता है और इसे ठप होने से या दुर्भावनापूर्ण हमलों से बचाता है। भविष्य में यह सॉफ्टवेयर भरोसेमंद वित्तीय लेनदेन को सुनिश्चित कर सकता है। बैंक या शेयर बाजार के काम ग्राहक के मोबाइल फोन पर सुरक्षित रूप से संचालित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह रक्षा विभाग को अपने आंकड़ों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा प्रदान कर सकता है। साथ ही, यह पेसमेकर जैसे प्रतिरोपित मेडिकल उपकरण के जीवन रक्षक कार्यकलापों को हैक होने से बचा सकता है। मुख्य शोधकर्ता गेरविन क्लेन ने बताया कि एसईएल 4 अभी तक इकलौता ऐसा सॉफ्टवेयर है जिसे गणीतीय रूप से साबित किया जा चुका है कि इसका सोर्स कोड विशिष्ट लक्षणों को एकदम सही लागू करता है। यह सॉफ्टवेयर हूबहू वैसा ही करता है जैसे इसके विशिष्ट लक्षण हैं। एक अन्य शोधकर्ता गेरनॉट हेसर ने बताया कि सॉफ्टवेयर के ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रमाणीकरण 1970 से चल रहा है। हम ऐसा करने में कामयाब रहे।
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