कांग्रेस के बाद अब विकिलीक्स के खुलासे भाजपा नेताओं के लिए भी परेशानी का सबब बनने लगे हैं। राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली के बारे में विकिलीक्स के ताजा रहस्योद्घाटन से पार्टी की मुसीबतें बढ़ी हैं। नए केबल में जेटली के एक बयान का हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने हिंदू राष्ट्रवाद को अपनी पार्टी के लिए महज अवसरवादी मुद्दा बताया है। हालांकि जेटली ने अमेरिकी राजनयिक राबर्ट ब्लेक से बातचीत को स्वीकार करने के बावजूद शनिवार को कहा कि उन्होंने अवसरवादी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। वर्ष 2005 में अमेरिकी दूतावास के राजनयिक राबर्ट ब्लेक से बातचीत को स्वीकार करते हुए भाजपा नेता जेटली ने कहा कि उन्होंने सीमा पार से होने वाले आतंकवाद, बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका के वीजा न दिए जाने जैसे मसलों पर अपना विचार रखा था, लेकिन राष्ट्रवाद या हिंदू राष्ट्रवाद के संदर्भ में अवसरवाद शब्द का उल्लेख न तो मेरा विचार है और न ही मेरी भाषा। यह अमेरिकी राजनयिक की ओर से स्वत: प्रयोग किया गया शब्द है। विकिलीक्स के इस ताजा केबल पर भला कांग्रेस कहां चूकने वाली थी। कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा सारा भांडा फूट रहा है। भाजपा खुद के तरकश के तीरों से ही लहूलुहान हो रही है। इसीलिए कहते हैं कि जो लोग शीशे के मकान में रहते हैं, उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। अमेरिकी राजनयिक ने जो संदेश वाशिंगटन भेजा था, उसमें कहा गया है कि हिंदुत्व के सवाल पर बातचीत के दौरान जेटली ने तर्क दिया कि हिन्दू राष्ट्रवाद भाजपा के लिए हमेशा चर्चा का बिंदु रहेगा। उन्होंने हालांकि, इसे एक अवसरवादी मुद्दा बताया। भेजे गये संदेश के मुताबिक भारत-पाक रिश्तों में हाल में आए सुधार के मद्देनजर उन्होंने (जेटली) कहा कि हिंदू राष्ट्रवाद अब कम असरदार हो गया है। लेकिन सीमा पार से एक और आतंकी हमला होने पर हालात फिर पलट सकते हैं। विकिलीक्स केबल के अनुसार जेटली ने मोदी को अमेरिकी वीजा नहीं दिए जाने को अनुचित बताया और कहा कि उनकी पार्टी के लोग इसे अपने नेता पर व्यक्तिगत प्रहार के रूप में ले रहे हैं। जेटली हालांकि, ब्लेक की इस बात से सहमत हुए कि मोदी ध्रुवीकरण व्यक्तित्व वाले हैं।
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