इंटरनेट की धीमी गति से जल्द ही निजात लि सकती है। एक नया लेजर उपकरण इंटरनेट के नए युग का सूत्रपात कर सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे कंप्यूटिंग न सिर्फ तेज हो जाएगी बल्कि ज्यादा विश्वसनीय भी बनेगी। सेंट्रल फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेनिस डेप ने बेहद छोटे लेजर डायोड का निर्माण किया है। ये वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे डायोड के मुकाबले काफी तीव्र रोशनी छोड़ते हैं। इस रोशनी से एक ही तरंग निकलती है जो उपकरण को सीडी प्लेयर, लेजर पाइंटर, कंप्यूटर के ऑप्टिकल माउस में इस्तेमाल के लिए आदर्श बनाती है। इससे डाटा ट्रांसफर की गति काफी तेज हो जाती है। अभी तक सबसे बड़ी चुनौती इस छोटे उपकरण की असफलता दर को लेकर थी। यूनिवर्सिटी के वक्तव्य के अनुसार, अधिक कार्यभार होने पर ये अच्छी तरह काम नहीं कर पाते थे और अत्यधिक दबाव इनमें दरार पैदा कर देता था। इसके छोटे आकार और गैर सेमीकंडक्टर सामग्री को निकालने का मतलब है कि नया उपकरण भारी डाटा ट्रांसफर में भी काफी बेहतर तरीके से काम कर सकता है, जो इंटरनेट की अगली पीढ़ी विकसित करने में काम का है। ऑप्टिकल घडि़यों, जीपीएस की सुनिश्चितता और हाई स्पीड वायरलैस डाटा कम्यूनिकेशन भी इस सूक्ष्म लेजर के इस्तेमाल से बढ़ जाएंगा। डेप ने कहा कि नए उपकरण ने दबाव की स्थिति के बावजूद काम में कोई बदलाव नहीं प्रदर्शित किया।
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