लंदन, एजेंसी
: अंतरिक्ष
वैज्ञानिकों ने लाल रंग के एक बौने तारे ग्लीज 163 के आसपास मौजूद
जीवन के संभावित क्षेत्र में अपनी धरती जैसी ही एक और विशाल पृथ्वी की
खोज की है। तारे ग्लीज 163 की
कक्षा में चक्कर लगाने वाले इस नए ग्रह ग्लीज 163सी
का आकार पृथ्वी से 6.9 गुना
बड़ा है। और अपनी धुरी पर यह 26 दिन में एक चक्कर लगाता है। ये इस लाल
ग्रह के पास मिला अब तक का सबसे ज्यादा जीवन की संभावना
वाला ग्रह माना जा रहा है। डेली मेल ने अपनी
रिपोर्ट में बताया है कि खगोल वैज्ञानिक ने इस ग्रह की खोज
यूरोपियन सदर्न ऑब्जरवेटरी हार्प्स टेलीस्कोप से की है। डोराडो आकाशगंगा
में ग्लीज 163 नन्हा
लाल तारा 49 प्रकाशवर्ष
दूर है। वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी सरीखा नया ग्रह
ग्लीज 163सी
पर अगर अधिकांश तौर पर चट्टानें होंती तो यह पृथ्वी से आकार
में 1.8 गुना
ही बड़ा होता और अगर इस नए ग्रह पर अधिकतर पानी होता तो इसका
आकार पृथ्वी से 2.4 गुना
बड़ा होता। यह
सुपर-अर्थ ग्लीज 163सी
एक एक्सट्रा सोलर प्लानेट है। इसका घनत्व पृथ्वी से
तो अधिक है लेकिन अपने सौरमंडल के गैस के बने बड़े ग्रहों यूरेनस और नेपट्यून
से कम है। इसलिए इस ग्रह के लिए सुपर-अर्थ की उपमा केवल इसके घनत्व
के संबंध में है और इसका इस ग्रह की सतह और जीवनयापन की सार्मथ्य से कोई
लेना-देना नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लीज 163सी
के वातावरण में
पाए जाने वाले तत्व का तो अभी तक पता नहीं चला है। लेकिन इतना तय है कि अगर
पृथ्वी के वातावरण का स्तर बढ़ा दिया जाए तो इस नए ग्रह का तापमान 60 डिग्री
सेल्सियस के करीब होगा। चूंकि ग्लीज 163सी
को अपने जन्मदाता तारे ग्लीज 163 से जो रोशनी मिल रही है वह
पृथ्वी को सूर्य से मिलने वाली रोशनी से चालीस फीसद ज्यादा है। इसलिए यह
नया ग्रह अधिक गर्म है। अधिकतर जटिल जीवन वाले प्राणी जैसे पेड़-पौधे, पशु-पक्षी
यहां तक कि मानव भी 50 डिग्री
सेल्सियस से अधिक तापमान में जीवित नहीं रह सकते हैं।
यूरोपीय हार्प्स की टीम का नेतृत्व जेवियर बानफिल्स ने किया।
इस नई खोज के अलावा टीम ने एक और बड़ा ग्रह ग्लीज 163बी भी खोजा है। यह
अपनी धुरी पर अपने तारे ग्लीज 163 की परिक्रमा मात्र 9 दिन
में करता है।
उन्होंने घोषणा की कि तारे से और दूरी पर एक और ग्रह हो सकता है। लेकिन अभी
इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
मानव के रहने लायक ग्रह की खोज
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लंदन। खगोलशास्त्रियों ने बौने लाल तारे
‘ग्लीज 163’ के पास मानव के रहने
योग्य एक ग्रह की खोज की है। सौरमंडल के बाहर स्थित ‘ग्लीज
163सी’ नामक इस ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान
से 6.9 गुना
अधिक है और इसकी कक्षा में एक बार परिक्र मा की अवधि 26 दिन की है। डेली मेल की खबर के अनुसार
खगोलशास्त्रियों ने यूरोपियन सदर्न आब्जव्रेटरी के एचएआरपीएस टेलीस्कोप (हाई एक्यूरेसी
रेडियल वेलोसिटी प्लैनेट सर्चर) का
प्रयोग कर इस ग्रह को डोराडो नक्षत्र में 49 प्रकाश वर्ष दूर एक लाल तारे की
परिक्र मा करते पाया। शोधकर्ताओं ने कहा ‘ग्लीज
163सी
का आकार पृथ्वी की त्रिज्या
का 1.8 से
लेकर 2.4 के
बीच हो सकता है। यह त्रिज्या क्र मश: इस
पर निर्भर करती है कि यह सुपरअर्थ ज्यादातर किसका बना है पत्थर
का या पानी का।’
‘सुपर-अर्थ’ सौरमंडल के उस ग्रह को कहते हैं जिसका
द्रव्यमान पृथ्वी
से ज्यादा हो लेकिन अरुण और वरुण से कम हो। शोधकर्ताओं ने कहा ‘हमें इस ग्लीज 163सी के वातावरण की प्रकृति का पता नहीं
है लेकिन हम अनुमान लगा सकते
हैं कि यह पृथ्वी के वातावरण का लघु संस्करण है। ऐसा मानने पर कहा जा सकता
है कि यहां सतह का तापमान 60 डिग्री
सेल्सियस के करीब होगा।’ शोधकर्ताओं
के दल ने ग्लीज 163सी
के अलावा एक और बड़े ग्रह ‘ग्लीज
163बी’ की खोज की है जो तारे की परिक्र मा नौ
दिन में ही पूरी कर लेता है।
राष्ट्रीय सहारा दिल्ली संस्करण पेज 16, 07-09-2012 lwpuk ,oa izkS|ksfxdh
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