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डाटा संप्रेषण की क्रांति के द्वार पर
खड़ा है भारत : कपिल सिब्बल
नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के दूरसंचार
क्षेत्र में मौजूदा गतिरोधों के
बावजूद सरकार ने कहा कि यह क्षेत्र निवेशकों के लिए अब भी
आकर्षक है और इसमें
वृद्धि की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने
यहां, ‘भारत
दूरसंचार. 2012’ सम्मेलन एवं
प्रदर्शनी की तैयारी के सिलसिले में आयोजित समारोह में कहा ‘हमने देश में अभी दूरसंचार क्षेत्र की संभावनाओं
का केवल सतही दोहन ही किया है, क्षेत्र
में व्यापक संभावनायें मौजूद हैं।’
इसका अयोजन 13-15 दिसम्बर
तक प्रगति
मैदान में होगा। दूरसंचार विभाग और वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (फिक्की) मिल कर यह आयोजन कर रहे हैं।
सिब्बल ने नीतिगत स्तर पर निर्णय की
लाचारी के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया और कहा कि उनका
विभाग लगातार पहल
करता आ रहा है। सिब्बल ने कहा ‘दूरसंचार
क्षेत्र में हम डाटा संप्रेषण
की क्रांति के द्वार पर खड़े हैं। हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे
हैं। दूरसंचार
मंत्रालय में तुरंत निर्णय लिए जा रहे हैं,
कोई नीतिगत लाचारी
नहीं है। बाहर कुछ भी माहौल बताया जा रहा हो दूरसंचार मंत्रालय
में काम हो रहा
है।’
सरकार के स्तर पर सुधारों के क्षेत्र
में नीतियों को आगे नहीं
बढ़ा पाने से उद्योग जगत में निराशा का भाव है। निर्णय लेने और उसे अमल
में लाने के मामले में सरकार को लाचार बताया जा रहा है। इसके अलावा बहुचर्चित
2जी
स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में उच्चतम न्यायालय ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के कार्यकाल
में आवंटित 122 दूरसंचार
लाइसेंस रद्द कर
दिये। नई दिल्ली में फिक्की और दूरसंचार विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में
दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल और विभाग में राज्य मंत्री सचिन पायलट व मिलिंद
देवड़ा।
राष्ट्रीय सहारा दिल्ली संस्करण पेज 12, 07-09-2012 lwpuk ,oa izkS|ksfxdh
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