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अपने साथ फ्रांस के उपग्रह एसपीओटी 6 और जापान के
अंतरिक्ष यान प्रॉइटेरेस को लेकर रवाना हुआ पीएसएलवी-21 एजेंसी ने अब तक
62 उपग्रहों, एक स्पेस रिकवरी
मॉड्यूल और 37 रॉकेटों
को किया है सफलतापूर्वक
प्रक्षेपित
श्रीहरिकोटा, आंध्रप्रदेश (एजेंसियां)। भारत ने रविवार को स्वदेशी
पीएसएलवी-सी21 रॉकेट
के प्रक्षेपण के
साथ ही सौवें अंतरिक्ष मिशन का सफल कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। इस राकेट
ने दो विदेशी उपग्रहों को उनकी कक्षा में स्थापित किया। श्रीहरिकोटा के
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जब पीएसएलवी-सी21
अपने साथ दो विदेशी
उपग्रहों को लेकर रवाना हुआ तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस
ऐतिहासिक सफलता को
देखने के लिए वहां मौजूद थे। यह रॉकेट अपने साथ फ्रांस के उपग्रह एसपीओटी
6 को
और जापान के अंतरिक्ष यान प्रॉइटेरेस (पीआरओआईटीईआरईएस) को लेकर रवाना हुआ और प्रक्षेपण के 18 मिनट बाद उन्हें उनकी कक्षा में स्थापित भी
कर दिया। यह प्रक्षेपण सुबह नौ बज कर 51
मिनट पर किया जाना था लेकिन 51
घंटे की उल्टी गिनती पूरी होने के बाद उसमें दो मिनट का विलंब
हो गया। पोलर
सैटेलाइट लॉन्च वेहिकल (पीएसएलवी) सुबह नौ बज कर 53
मिनट पर तेज आवाज
के साथ फ्रांसीसी उपग्रह को लेकर अपनी 22 वीं उड़ान पर रवाना हुआ। कुल 720 किलोग्राम वजन वाला यह फ्रांसीसी उपग्रह
भारत द्वारा किसी विदेशी ग्राहक के
लिए प्रक्षेपित सर्वाधिक वजन वाला उपग्रह है। प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने इसे
एक शानदार सफलता और मील का पत्थर करार दिया। सिलसिलेवार पूरी प्रक्षेपण प्रक्रि या को उत्सुकता से
देख रहे सिंह ने दोनों उपग्रहों के
कक्षाओं में स्थापित होने तक प्रत्येक चरण की सराहना की। यह
प्रक्षेपण भारतीय
अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए एक बड़ी उपलब्धि (शेष पेज 2)
यह मिशन देश की अंतरिक्ष क्षमताओं के
लिए मील का पत्थर है, मैं इसकी
शानदार सफलता के लिए वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं - मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री , ,
राष्ट्रीय सहारा दिल्ली संस्करण पेज 1, 10-09-2012 lwpuk ,oa
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