Pages

Thursday, February 3, 2011

हवाई जहाज से तेज दौड़ेगी ट्रेन


विश्व में सबसे तेजी से उभरते देश चीन ने एक और मील का पत्थर पीछे छोड़ दिया है। उसने ऐसी ट्रेन विकसित कर ली है जिसकी रफ्तार हवाई जहाज से भी तेज होगी। दक्षिण चीन की एक प्रयोगशाला में इस तकनीक को विकसित किया गया है। हालांकि अभी इस तकनीक को व्यवहारिक रूप से चीन में लागू करने में काफी वक्त लग सकता है। जियाओतोंग यूनिवर्सिटी की ट्रैक्शन पावर स्टेट प्रयोगशाला में इस शोध को अंजाम दिया गया है। यूनिवर्सिटी के वाइस डीन शुआई बिन ने बताया कि वैक्यूम मैग्नेटिक सस्पेंशन ट्रेन मॉडल 600 से 1200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में कामयाब रहा। यह गति हवाई जहाज के बराबर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दस साल के भीतर इस तकनीक का व्यवहारिक प्रयोग शुरू हो जाएगा और 2030 तक ऐसी ट्रेन चीन के कई हिस्सों में दौड़ती नजर आएगी। इसके जरिए यात्री बीजिंग से गुवांग्जू का सफर मात्र दो घंटे में तय कर सकेंगे। जबकि प्लेन के जरिए इस दूरी को तय करने में तीन घंटे का समय लगता है। शुआई ने कहा कि हालांकि अभी इस तकनीक का इस्तेमाल छोटे स्तर पर किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी यह सिर्फ प्रयोगात्मक सफलता है। इसका वास्तविक मोल काफी कम है क्योंकि व्यवहारिक रूप से इसे अपनाए जाने के बीच अभी काफी बड़ी खाई है। इस तकनीक पर फिलहाल अमेरिका और स्विटजरलैंड भी शोध कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, सैद्धांतिक रूप से वैक्यूम ट्यूब में दौड़ने वाली ट्रेन 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इसके अन्य भी कई फायदे हैं। पहला यह कि हवाई जहाज में लगने वाले ईधन का दसवां हिस्सा ही ट्रेन के लिए पर्याप्त होगा। साथ ही इसमें ना के बराबर आवाज होगी। शुआई ने यह भी कहा कि देश में वैक्यूम ट्यूब वाली नई यातायाता प्रणाली खड़ी होने से पहले ये सभी फायदे बस एक गुब्बारे के समान हैं और यह बेहद खर्चीली भी होगी। उन्होंने जोड़ा कि सामान्य सब-वे के मुकाबले एक किलोमीटर वैक्यूम ट्यूब का खर्च कई गुना ज्यादा आएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तकनीक का सिर्फ प्रयोगात्मक महत्व है और जबरदस्त खर्चीली होने के कारण अभी यह वहन योग्य नहीं है।


No comments:

Post a Comment