विकिलीक्स की मानें तो पाक सरकार का नेतृत्व अपनी सेना पर कतई भरोसा नहीं करता। खुफिया वेबसाइट की ओर से सार्वजनिक किए गए गुप्त अमेरिकी कूटनीतिक दस्तावेजों में बताया गया है कि पाक सरकार ने वॉशिंगटन से शिकायत की थी कि सेना को मिलने वाली सहायता के बारे में उसे अंधेरा में रखा जा रहा है। आतंक के खिलाफ युद्ध के लिए दिए जाने वाले धन का उपयोग सेना दूसरे कामों के लिए कर रही है। विकिलीक्स द्वारा डॉन अखबार को मुहैया कराए गए इन गुप्त संदेशों से इस बात का खुलासा हुआ है कि आतंकवाद निरोधी अभियान के लिए मिल रहे धन के इस्तेमाल को लेकर पाकिस्तान सरकार और ताकतवर सेना के बीच तनाव था। एक संदेश के मुताबिक, तत्कालीन वित्त मंत्री शौकत तरीन ने पूर्व अमेरिकी राजदूत एनी पीटरसन को नवंबर 2009 में एक मुलाकात के दौरान पाक सेना को अमेरिका से मिलने वाली राशि के बारे में बताने को कहा। तरीन ने कहा कि अमेरिकी सहायता पर आधारित सैन्य बजट को वह कम नहीं करेंगे, लेकिन यह साफ कर दिया कि उनके मंत्रालय को संपूर्ण बजटीय उद्दश्यों से इन बातों की जानकारी रखने की जरूरत है। उन्होंने अमेरिकी राजदूत को शिकायत की कि सेना प्रमुख जनरल अश्फाक परवेज कियानी यह सूचना उन तक नहीं पहंुचाते। सितंबर 2009 को एक अन्य बैठक में पीटरसन ने कहा कि अमेरिका ने सेना के लिए 37 करोड़ अमेरिकी डॉलर के उपकरण अपने पाकिस्तानी आतंकरोधी क्षमता कोष के माध्यम से खरीदा, लेकिन तरीन ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है। एक कुटनीतिक संदेश में खुलासा किया गया कि नवंबर 2009 की बैठक के दौरान तरीन ने इस बात के आंकड़े पेश किए कि आतंक के खिलाफ युद्ध में पाक खर्चे को वहन करने के लिए दिए जाने वाली अमेरिकी राशि सेना या आतंक रोधी मकसदों के लिए खर्च नहीं की जा रही.
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